# महाराजपुर में एक ही पंडाल में माँ आदिशक्ति के 21 दिव्य स्वरूपों के दर्शन
**पंचायत दुर्गा उत्सव समिति की अनूठी पहल बनी आकर्षण का केंद्र, महाराजपुर की महारानी के दर्शन के लिए उमड़ रहे हजारों श्रद्धालु**
**महाराजपुर (देवरी)।** सागर जिले की देवरी तहसील के ग्राम महाराजपुर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पंचायत दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित दुर्गा उत्सव में माँ आदिशक्ति के 21 दिव्य स्वरूपों की प्रतिमाएं एक ही भव्य पंडाल में स्थापित की गई हैं। महाराजपुर की महारानी के नाम से प्रसिद्ध इस दरबार में दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
## एक ही दरबार में माँ के 21 स्वरूप
समिति द्वारा माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के साथ महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली, माँ वैष्णो, माँ चामुंडा और माँ अन्नपूर्णा सहित विभिन्न दिव्य स्वरूपों की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। भव्य सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजे दरबार की छटा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। पंडाल में पहुंचने वाले भक्त माँ के दर्शन कर भक्ति में लीन हो रहे हैं। वहीं, जय माता दी के जयकारों से पूरा ग्राम भक्तिमय बना हुआ है।
## युवा पीढ़ी को धर्म और आस्था से जोड़ने की पहल
पंचायत दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को माँ आदिशक्ति के विभिन्न स्वरूपों के महत्व और उनकी धार्मिक मान्यताओं से परिचित कराना भी है। एक ही स्थान पर माँ के अनेक स्वरूपों के दर्शन कराना ग्रामवासियों के लिए सौभाग्य की बात है।
## आसपास के गांवों से पहुंच रहे श्रद्धालु
महाराजपुर में माँ आदिशक्ति के 21 स्वरूपों की स्थापना की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी फैल गई है। माँ महारानी के दर्शन के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु परिवार सहित पहुंच रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों का विशेष सहयोग मिल रहा है। पूरे गांव में नवरात्रि को लेकर उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
महाराजपुर में एक ही पंडाल में माँ आदिशक्ति के 21 दिव्य स्वरूपों के दर्शन

