बीना(सागर)।शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर नगर में भक्ति और उल्लास का संगम देखने को मिला। राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी देवी स्वरूप कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। कन्याओं के पांव पखारकर, तिलक-रोली लगाई गई और पुष्प अर्पित कर आरती उतारी गई।प्रतिदिन की तरह सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्य भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। प्रभात फेरी में सबसे आगे छोटी-छोटी कन्याएं चल रही थीं, जबकि उनके पीछे मातृशक्ति टोली जयकारे लगाते हुए चल रही थी। ढोलक-मंजीरे और राधे-राधे के मधुर भजनों से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।नगर भ्रमण के बाद प्रभात फेरी मां जागेश्वरी धाम पहुंची, जहां सैकड़ों की संख्या में कन्याएं उपस्थित थीं। मंडल के सदस्यों ने सबसे पहले कन्याओं के पांव पखारे। इसके बाद उनके माथे पर तिलक-रोली लगाकर पुष्प अर्पित किए और आरती उतारकर पूजन किया। कन्या पूजन के बाद प्रसादी वितरित की गई।इस अवसर पर राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के प्रमुख सदस्य भक्त माली ने कहा कि नवरात्रि केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि मातृशक्ति को सम्मान देने का अवसर भी है। सनातन संस्कृति में कन्या को देवी का साक्षात स्वरूप माना गया है। प्रभात फेरी मंडल का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि सुबह प्रभात फेरी निकालने से नगर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, वहीं कन्या पूजन हमें सिखाता है कि नारी का सम्मान ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने मां जागेश्वरी से सभी भक्तों पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।कार्यक्रम में प्रभात फेरी मंडल के सभी सदस्य, मातृशक्ति मंडल की महिलाएं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीना में अष्टमी पर कन्या पूजन के साथ गूंजे राधे-राधे के जयकारे

