वैदिक वाटिका में तीन दिवसीय वैदिक रास-सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का भव्य समापन

गुजराती पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य से बांधा समां, देर रात तक गूंजे माता रानी के जयकारे; उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को स्कूटी, फ्रिज सहित दिए आकर्षक उपहार

सागर। सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े के मार्गदर्शन में वैदिक वानखेड़े द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय वैदिक रास-सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का 17 अक्टूबर को मकरोनिया स्थित वैदिक वाटिका में भव्य समापन हुआ। वैदिक वानखेड़े के निर्देशन तथा विजय गौतम एवं नमिता वानखेड़े के सह-निर्देशन में आयोजित इस महोत्सव के अंतिम दिन सैकड़ों प्रतिभागियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से मां शक्ति की आराधना की। पारंपरिक गुजराती वेशभूषा, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने आयोजन को भव्य बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपनी कला और उत्साह से अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।समापन दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के नृत्य की थीम पर आधारित विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। बच्चियों ने गुजरात की पारंपरिक गरबा शैली में चनिया-चोली पहनकर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इन परिधानों पर की गई कढ़ाई, बांधनी कला और शीशों से बनी सुंदर आकृतियों में गुजराती संस्कृति की झलक दिखाई दी। पुरुष प्रतिभागियों ने भी पारंपरिक गुजराती वेशभूषा में गरबा नृत्य कर समां बांध दिया।रंग-बिरंगे परिधानों और लयबद्ध कदमों के बीच ऐसा माहौल बना, मानो गुजरात के पारंपरिक गरबा महोत्सव का सजीव अनुभव हो रहा हो। उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में पारंपरिक संगीत की धुनों पर प्रतिभागियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ नृत्य किया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी नृत्य प्रतिभा, मेहनत और समर्पण का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए आकर्षक उपहार रखे गए थे, जिन्हें प्राप्त कर उनके चेहरे खिल उठे।कार्यक्रम में उपस्थित सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने गरबा को मां शक्ति की आराधना का पवित्र माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि गरबा केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का प्रतीक है। गुजरात के गांवों, मोहल्लों और मंदिरों में गरबा आज भी अपनी पारंपरिक पहचान और सादगी के साथ जीवित है। नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के अनेक तरीकों में गरबा का विशेष स्थान है।

उन्होंने कहा कि गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को भी मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने महोत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की सराहना की।पंडित अभिषेक भार्गव ने कहा कि गरबा नृत्य का संबंध हमारी संस्कृति के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ नृत्य किया था। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा में गरबा का विशेष महत्व है। यह श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सांसद डॉ. लता वानखेड़े, वैदिक वानखेड़े और उनकी पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अनिल तिवारी ने भी आयोजन की सराहना करते हुए सांसद डॉ. वानखेड़े, वैदिक वानखेड़े, आयोजन टीम और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गरबा मां भगवती की आराधना का प्रतीक है। महोत्सव में मेहनत और उत्साह के साथ भाग लेने वाले बच्चों पर माता रानी की कृपा बनी रहे, यही कामना है।महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्कूटी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, टेलीविजन, मोबाइल फोन, टैबलेट, साउंड सिस्टम, घड़ी, मिक्सर, इंडक्शन, आयरन सहित अन्य आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। इनमें रिया विश्वकर्मा को स्कूटी, निशा सेन को फ्रिज, आशी पटेल को वॉशिंग मशीन और निखिल पटेल को टेलीविजन दिया गया।गरबा महोत्सव में मुख्य कोरियोग्राफर अमित पटेल रहे। उनकी सहयोगी टीम में शुभम पटेल, नितिन, चमन, सौम्या, कनिष्क और करन ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने में सहयोग किया।समापन समारोह में कप्तान सिंह यादव, संतोष सिंह ठाकुर, महीलाल सूर्यवंशी और शारदा खटीक सहित अन्य अतिथियों ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में ललित मोहन, प्रमोद नायक, रेखा दुबे, नवीन पालीवाल, राजीव हजारी, मीनाक्षी विजय गौतम, आशा लता सिलाकारी, रेखा ठाकुर, शैलेंद्र पालीवाल, सक्षम अग्रवाल, अजय श्रीवास्तव, धर्मेंद्र कुर्मी, रितेश तिवारी, अर्पित पांडे, जसवंत राठौर, बलवंत सिंह ठाकुर, नरू ठाकुर, पूनम साहू, शिवकुमार यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित।