सागर/बंडा। सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बंडा विकासखंड के ग्राम नौराज, गूगरा खुर्द, बराज सहित आसपास के क्षेत्रों में शराब सेवन के बाद कई लोगों की मौत तथा अनेक लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे और स्थिति की निगरानी शुरू कर दी।
घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
डिप्टी सीएम ने ली तत्काल जानकारी
उप-मुख्यमंत्री एवं आबकारी विभाग के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी अधिकारियों से घटना की तत्काल जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से कुछ लोगों की मृत्यु हुई है और कुछ लोग उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी मौके पर
घटना के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रशासन द्वारा अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एहतियातन क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील किए जाने तथा शराब के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की गई है।
मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे
प्रशासन की ओर से प्रारंभिक तौर पर 11 मौतों की पुष्टि किए जाने की बात सामने आई है, जबकि विभिन्न सूत्रों और स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या इससे अधिक बताए जाने के दावे किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 18 तक पहुंचने की बात कही गई है।
मामले में वास्तविक मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन द्वारा मृतकों और अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी जुटाई जा रही है।
ललितपुर से नकली शराब सप्लाई के आरोप की जांच
प्रारंभिक पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह दावा सामने आया है कि सागर जिले के उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में नकली शराब की आपूर्ति करने वाला नेटवर्क सक्रिय था। कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के ललितपुर क्षेत्र से नकली शराब तैयार कर सागर जिले के सीमावर्ती गांवों में कम कीमत पर इसकी आपूर्ति की जाती थी।
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार नकली शराब को असली ब्रांड की तरह दिखाने के लिए रैपर, ढक्कन और क्यूआर कोड तक लगाए जाते थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और शराब के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बताया गया है कि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब कहां तैयार की गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसे सागर जिले तक पहुंचाने वाला नेटवर्क कितना बड़ा है।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने हाल में शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच कराएं।
राजनीतिक दलों ने भी उठाए सवाल
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने बंडा में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। घटना के चलते आज तीन बत्ती पर प्रस्तावित मटकी फोड़ कार्यक्रम निरस्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
वहीं कांग्रेस की ओर से घटना को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण यह गंभीर घटना सामने आई है। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग के मैदानी अमले के साथ ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेहतर उपचार तथा मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग भी की।
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने भी अस्पताल पहुंचकर प्रभावित लोगों और मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने की बात कही है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार करेंगे बंडा का दौरा
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के शाम 4 बजे बंडा पहुंचने और घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की जानकारी सामने आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भी मामले की जानकारी ली और प्रशासन द्वारा मौतों के आंकड़े छिपाए जाने का आरोप लगाया है।
सीबीआई जांच और 50 लाख मुआवजे की मांग
आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि बंडा तहसील के बराज सहित आसपास के गांवों में अवैध शराब के सेवन से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई लोग प्रभावित हैं।
लक्ष्मीकांत राज ने आरोप लगाया कि सागर जिले में शराब माफिया सक्रिय है और गांवों तथा शहरों में अवैध शराब की बिक्री हो रही है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने तथा घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्थानीय विधायक से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग भी उठाई।
आप नेता ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पूर्व में पुलिस महानिरीक्षक को अवैध शराब, जुआ और सट्टे के विरुद्ध ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी घटना सामने आई।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में हुई इस घटना ने अवैध शराब के कारोबार और उसके नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीमें प्रभावित गांवों में जांच कर रही हैं। शराब के नमूनों की जांच, मृतकों और अस्पताल में भर्ती मरीजों की वास्तविक संख्या तथा अवैध शराब की आपूर्ति के स्रोत की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अब पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
